श्रीनगर में शराब की दुकानों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्म हो गया है। Bharatiya Janata Party के कार्यकर्ताओं ने शहर में शराब की दुकानों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से इन्हें बंद करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि कश्मीर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए शराब की बिक्री पर नियंत्रण जरूरी है।
प्रदर्शन श्रीनगर के कई प्रमुख इलाकों में किया गया, जहां BJP समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हाल के समय में घाटी में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि इससे युवाओं पर गलत असर पड़ सकता है और सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है।
BJP नेताओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की परंपराओं और लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आवासीय इलाकों और धार्मिक स्थलों के आसपास चल रही शराब की दुकानों की समीक्षा की जाए। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर स्थानीय नागरिकों की राय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि कानून और नियमों के अनुसार ही लाइसेंस जारी किए जाते हैं। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया।
इस मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।