लेह। लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की गई है। लेह के चोगलमसर और स्तकना में करीब 10,600 फीट की ऊंचाई पर विकसित किए गए पुष्प क्षेत्रों को जनता को समर्पित किया गया। इन पुष्प क्षेत्रों को दुनिया के सबसे अधिक ऊंचाई वाले पुष्प क्षेत्रों में शामिल बताया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करना है।
इस पहल के तहत ऊंचाई वाले क्षेत्र की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के फूलों और पौधों को विकसित किया गया है। लद्दाख जैसे शुष्क और ठंडे क्षेत्र में इतनी ऊंचाई पर पुष्प क्षेत्र तैयार करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसके लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधों के चयन, सिंचाई और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पुष्प क्षेत्रों के विकसित होने से चोगलमसर और स्तकना आने वाले पर्यटकों को एक नया आकर्षण मिलेगा। लद्दाख पहले से ही पहाड़ों, झीलों, मठों और ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। ऐसे में पुष्प क्षेत्रों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। लद्दाख में सीमित हरित क्षेत्र और कठोर जलवायु के बीच पौधारोपण तथा बागवानी को बढ़ावा देना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। पुष्प क्षेत्रों के माध्यम से लोगों को स्थानीय पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से इन क्षेत्रों के रखरखाव और संरक्षण पर आगे भी ध्यान देने की बात कही गई है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भी इन स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने तथा पौधों को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की जाएगी। नई पहल से लद्दाख के पर्यटन मानचित्र पर चोगलमसर और स्तकना को एक अलग पहचान मिलने की उम्मीद है।