लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने 20 सितंबर को कारगिल में बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। संगठन के अनुसार, प्रदर्शन में लद्दाख की राजनीतिक मांगों के साथ पिछले वर्ष लेह में हुई हिंसा के दौरान मारे गए चार लोगों के लिए न्याय की मांग भी उठाई जाएगी।
लद्दाख को अगस्त 2019 में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने के बाद से लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची का विस्तार और स्थानीय लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा जैसी मांगें उठाते रहे हैं। दोनों संगठनों और केंद्र सरकार के बीच इन मुद्दों पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
हाल में 9 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ हुई बातचीत के बाद लद्दाख के प्रतिनिधि समूहों ने प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय निर्वाचित व्यवस्था को लेकर अपनी असहमति जताई थी। रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिनिधियों को अपेक्षित मसौदा उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद आंदोलन को फिर तेज करने की घोषणा की गई।
वहीं, केंद्र की ओर से लद्दाख के लिए विशेष संवैधानिक व्यवस्था और निर्वाचित केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय संस्था से जुड़े विकल्पों पर चर्चा की खबरें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में अनुच्छेद 371 के तहत विशेष व्यवस्था की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि इस संबंध में अंतिम व्यवस्था और विस्तृत मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
20 सितंबर का प्रस्तावित प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आयोजक पिछले वर्ष लेह में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए घोषित मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए अधिक सहायता और आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।