पवित्र सावन मास के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्राचीन शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और देश में शांति की कामना की। मंदिर परिसरों में पूरे दिन “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
जम्मू स्थित प्रसिद्ध रणबीरेश्वर मंदिर, शिव खोड़ी धाम, गौरीशंकर मंदिर तथा कश्मीर घाटी के कई प्राचीन शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, हवन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए भक्तों ने भी इन धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, पेयजल और विश्राम की विशेष व्यवस्था की।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस, स्वयंसेवकों और आपदा प्रबंधन दलों की तैनाती की गई है ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा सहायता के लिए अस्थायी स्वास्थ्य शिविर और एम्बुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध कराई हैं।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दौरान जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की उपासना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखें, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सावन के शेष दिनों में भी जम्मू-कश्मीर के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों और भक्ति आयोजनों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।