जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफजेके-2026) को लेकर इस वर्ष दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। महोत्सव के आयोजकों के अनुसार, इस बार 50 देशों से कुल 875 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं, जो इस आयोजन की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को दर्शाती हैं। विभिन्न देशों से आई फीचर फिल्में, लघु फिल्में, वृत्तचित्र, एनीमेशन और स्वतंत्र सिनेमा से जुड़ी प्रविष्टियों ने इस महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मंच बना दिया है।
आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष महोत्सव में सामाजिक सरोकार, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, संस्कृति, मानवाधिकार, पर्यटन, शांति और नवाचार जैसे विविध विषयों पर आधारित फिल्मों को विशेष स्थान दिया जाएगा। चयन समिति अब सभी प्रविष्टियों की समीक्षा कर रही है और गुणवत्ता, विषयवस्तु तथा रचनात्मकता के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। चुनी गई फिल्मों का प्रदर्शन महोत्सव के दौरान विभिन्न श्रेणियों में किया जाएगा।
महोत्सव का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट फिल्मों का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर को वैश्विक फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करना भी है। इस आयोजन के दौरान देश-विदेश के फिल्म निर्देशक, निर्माता, कलाकार, तकनीकी विशेषज्ञ और सिनेमा से जुड़े पेशेवर एक मंच पर एकत्र होंगे। इसके अलावा फिल्म निर्माण, पटकथा लेखन, डिजिटल तकनीक और सिनेमा के बदलते स्वरूप पर विशेष परिचर्चाओं और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा।
पर्यटन और फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान मिलती है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को भी नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय व्यवसायों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
आयोजकों ने विश्वास जताया है कि आईएफएफजेके-2026 न केवल अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन साबित होगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर की सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने और प्रदेश में फिल्म पर्यटन को नई गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण और निवेश की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।