जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आगामी माता खीर भवानी मेले की तैयारियों का विस्तृत जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह मेला कश्मीर घाटी के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु माता राग्न्या देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बिजली, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सेवाएं और यातायात प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मेले के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
प्रशासन द्वारा मेले के आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के ठहरने, विश्राम और भोजन की व्यवस्था के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त चिकित्सा टीमों और एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को भी मेले के दौरान व्यापक सुरक्षा प्रबंध करने को कहा है। आयोजन स्थल और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकें।
माता खीर भवानी मंदिर कश्मीर के गांदरबल जिले के तुलमुल्ला क्षेत्र में स्थित है और कश्मीरी पंडित समुदाय की गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के सहयोग से इस वर्ष का मेला सफलतापूर्वक आयोजित होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।