हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के गगल एयरपोर्ट विस्तार परियोजना से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने इस परियोजना के कारण प्रभावित हुए 113 परिवारों के लिए 16.8 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की है। इस निर्णय का उद्देश्य उन लोगों को आर्थिक सहारा देना है जिनकी भूमि, मकान या अन्य संपत्तियां एयरपोर्ट विस्तार कार्यों के कारण प्रभावित हुई हैं।
गगल एयरपोर्ट हिमाचल प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों में से एक है और इसके विस्तार की योजना लंबे समय से बनाई जा रही थी। सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट के विस्तार से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों की देश के अन्य हिस्सों से हवाई संपर्क सुविधा भी बेहतर होगी। हालांकि, इस विकास परियोजना के लिए कुछ स्थानीय परिवारों को अपनी भूमि और संपत्तियां छोड़नी पड़ी हैं।
सरकार द्वारा मंजूर की गई 16.8 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आर्थिक सहायता के लिए खर्च की जाएगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी पात्र परिवारों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास संबंधी योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, हालांकि कुछ परिवारों ने उचित पुनर्वास और दीर्घकालिक सहायता की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि केवल आर्थिक मुआवजा ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि रोजगार और आवास जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुनर्वास प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो एयरपोर्ट विस्तार परियोजना क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह परियोजना कांगड़ा को पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।