जम्मू-कश्मीर सरकार ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक फर्जी छुट्टी आदेश को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इंटरनेट पर प्रसारित किया जा रहा यह आदेश पूरी तरह नकली है और इसका सरकार या किसी आधिकारिक विभाग से कोई संबंध नहीं है। इस फर्जी आदेश में सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित होने का दावा किया गया था, जिसके बाद कई लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने बयान जारी करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की छुट्टी, बंद या सरकारी आदेश से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी नोटिफिकेशन या मान्यता प्राप्त मीडिया माध्यमों के जरिए ही मान्य मानी जाए। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी भी संदेश को साझा करना गलतफहमी और अफवाह फैलाने का कारण बन सकता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे व्हाट्सऐप, फेसबुक, एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाले संदेशों की सत्यता जांचे बिना उन पर भरोसा न करें। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। साइबर सेल को मामले की जांच सौंप दी गई है और फर्जी दस्तावेज तैयार कर वायरल करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल दौर में फर्जी आदेश और एडिट किए गए दस्तावेज तेजी से फैलते हैं, जिससे आम जनता भ्रमित हो सकती है। इसलिए नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। सरकार ने दोहराया कि केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी आदेश ही मान्य होंगे और अफवाहों से बचना सभी के हित में है।