केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के चलते यह फैसला लिया गया। नई दरें आधी रात से लागू हो गई हैं, जिसके बाद आम लोगों की दैनिक जरूरतों और परिवहन खर्च पर सीधा असर पड़ना शुरू हो गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ सप्ताहों से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही थी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, उत्पादन में कटौती और अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा। इसी वजह से सरकार और तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में संशोधन करने का निर्णय लिया।
नई कीमतों के लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, सब्जियों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
विपक्षी दलों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन कीमतों में इजाफा आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगा। वहीं सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम जरूरी था और भविष्य में कीमतों को स्थिर रखने के प्रयास जारी रहेंगे।
आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो आने वाले दिनों में महंगाई दर पर भी असर दिखाई दे सकता है। फिलहाल आम नागरिकों को परिवहन और घरेलू खर्च के लिए अतिरिक्त बजट तैयार करना पड़ सकता है।