प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और नवाचार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर क्षेत्र में विरोध और समर्थन की आवाजें तेज होती जा रही हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और स्थानीय नागरिकों ने उनकी शीघ्र रिहाई की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोनम वांगचुक ने हमेशा लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और क्षेत्रीय विकास के लिए कार्य किया है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी से आम जनता में असंतोष देखने को मिल रहा है। लोगों का मानना है कि उन्होंने अपने विचार लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त किए हैं और उनकी आवाज को दबाना उचित नहीं है।
कई स्थानीय संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाएं। छात्रों और युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए अभियान चलाए हैं और रिहाई की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की है।
वहीं, कुछ बुद्धिजीवियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से अपील की कि लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए स्थिति का समाधान किया जाए।
इस बीच, लद्दाख के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्ण ढंग से समर्थन रैलियां और बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सोनम वांगचुक की रिहाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।