दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। दिल्ली–गाज़ियाबाद–मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर 22 फरवरी 2026 से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस हाई-स्पीड ट्रांजिट सिस्टम के शुरू होने से राजधानी दिल्ली, गाज़ियाबाद और मेरठ के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़ और सुविधाजनक हो जाएगी।
इस अत्याधुनिक परियोजना का संचालन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाना और सड़क यातायात पर निर्भरता को कम करना है। आरआरटीएस कॉरिडोर लगभग 82 किलोमीटर लंबा है और इसे देश की पहली सेमी-हाई स्पीड क्षेत्रीय रेल सेवा के रूप में देखा जा रहा है।
इस कॉरिडोर पर चलने वाली ‘नमो भारत’ ट्रेनें यात्रियों को कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में सक्षम होंगी। जहां पहले दिल्ली से मेरठ तक का सफर तय करने में 2 से 3 घंटे तक का समय लगता था, वहीं अब यह दूरी लगभग एक घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी। इससे रोज़ाना ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारिक यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही प्रदूषण के स्तर में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कॉरिडोर क्षेत्रीय विकास, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में इस परियोजना से पूरे एनसीआर क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।