लद्दाख के ऊँचे और सीमावर्ती इलाकों में –50°C तक तापमान पहुँचना बहुत दुर्लभ है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में संभव माना जाता है। यह रोज़मर्रा का या सामान्य तापमान नहीं है I लेह, नुब्रा, कारगिल जैसे बसे हुए इलाकों में सर्दियों में आमतौर पर
–10°C से–25°C तक तापमान रहता है। यह पहले से ही इंसानों के लिए बेहद कठोर ठंड है। अत्यधिक ठंडे क्षेत्र
द्रास, सियाचिन ग्लेशियर, दौलत बेग ओल्डी (DBO), और ऊँचे सैन्य पोस्ट
यहाँ –40°C तक तापमान आधिकारिक रूप से दर्ज हो चुका है।
(–50°C कब संभव होता है) यह तभी होता है जब
ऊँचाई बहुत ज़्यादा हो (15,000–20,000 फीट+)
लंबी ध्रुवीय जैसी रातें हों
बर्फ़ की मोटी परत
👉 कई बार असल तापमान –40°C होता है, लेकिन महसूस –50°C या उससे भी कम होता है।
इसी वजह से “–50°C” की बात सुनने में आती है। भारतीय सेना लद्दाख सीमा पर इसलिए विशेष कपड़े, ऑक्सीजन, हीटेड शेल्टर और खास राशन इस्तेमाल करती है I