जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में भाग लिया। धार्मिक आयोजन के दौरान उन्होंने भगवान शिव से जुड़ी कथाओं और धार्मिक शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए सामाजिक मूल्यों, सेवा और मानवीय कल्याण के महत्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
श्री शिव महापुराण कथा हिंदू धार्मिक परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसमें भगवान शिव के स्वरूप, उनके जीवन से जुड़ी कथाओं और धर्म, भक्ति, तप तथा सदाचार से संबंधित प्रसंगों का वर्णन किया जाता है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया जाता है।
मनोज सिन्हा ने अपने संबोधन में धार्मिक शिक्षाओं को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए सेवा और मानवीय संवेदनाओं को महत्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि इसमें समाज और जरूरतमंद लोगों के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी जुड़ी हुई है।
कार्यक्रम के दौरान कथा वाचक और आयोजकों की ओर से धार्मिक परंपराओं और शिव महापुराण के विभिन्न प्रसंगों पर चर्चा की गई। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
उपराज्यपाल के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों में रुचि देखी गई। धार्मिक आयोजनों में सार्वजनिक प्रतिनिधियों की भागीदारी के दौरान आमतौर पर स्थानीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता से जुड़े विषय भी सामने आते हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के रूप में मनोज सिन्हा प्रशासनिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ विभिन्न सामाजिक तथा धार्मिक आयोजनों में भी भाग लेते रहे हैं। रायबरेली में श्री शिव महापुराण कथा में उनकी भागीदारी ने धार्मिक शिक्षाओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़े संदेशों को सामने रखा।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश आध्यात्मिक आस्था के साथ समाज में सेवा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने धार्मिक कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया।