भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत की स्थिति दोहराते हुए कहा कि इस क्षेत्र से जुड़ा कोई भी विषय भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से संबंधित है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूदा परिस्थितियों और सीमा पार आतंकवाद पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न एवं अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने पाकिस्तान के उन प्रयासों को भी खारिज किया, जिनके माध्यम से वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर के मुद्दे को उठाकर भारत पर आरोप लगाता रहा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान को अपने कब्जे वाले क्षेत्रों की स्थिति और वहां के लोगों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
भारत ने विशेष रूप से पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों का उल्लेख किया है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वहां होने वाली कथित हिंसा, दमन और नागरिक अधिकारों से जुड़े मामलों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। साथ ही भारत लगातार पाकिस्तान से अपनी धरती से संचालित सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और ठोस कार्रवाई करने की मांग करता रहा है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को लेकर भारत का रुख लगातार सख्त रहा है। हाल के दिनों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी षड्यंत्र से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज की है। एक मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी नेटवर्क और उनके स्थानीय सहयोगियों से जुड़े संदिग्धों की जांच भी जारी है।
भारत का कहना है कि आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। हाल में ब्रिक्स देशों ने भी पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता और आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।