श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सरकारी अस्पतालों की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक के दौरान अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, दवाओं और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए। दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
जम्मू-कश्मीर जैसे भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना बड़ी चुनौती है। कई दूरस्थ इलाकों में अस्पताल और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों के उन्नयन, चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और काम में अनावश्यक देरी से बचने को कहा। उन्होंने मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सरकार का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना है। आने वाले समय में अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।