लद्दाख के जांस्कर क्षेत्र में आगामी लद्दाख जांस्कर उत्सव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्सव को सफल और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए जांस्कर के उपायुक्त ओंकार राजेंद्र गुंडगे ने 7 सितंबर को सभी जिला और उपमंडल स्तर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। यह उत्सव 15 और 16 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। प्रशासन ने इसे जांस्कर के लिए विशेष महत्व वाला आयोजन बताया है, क्योंकि नया जिला बनने के बाद यह यहां होने वाला पहला बड़ा उत्सव होगा।
बैठक में उत्सव से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें आधारभूत सुविधाएं, स्वच्छता, सुरक्षा, परिवहन, सार्वजनिक सुविधाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और तैयारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य ऐसा आयोजन करना है, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिल सके।
लद्दाख जांस्कर उत्सव का एक प्रमुख उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और स्थानीय पहचान को व्यापक स्तर पर सामने लाना है। जांस्कर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध संस्कृति, पारंपरिक कला और पर्वतीय जीवन के लिए जाना जाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सानी झील को उत्सव के मुख्य आयोजन स्थल के रूप में अंतिम रूप दिया गया। प्रशासन ने संबंधित विभागों को स्थल पर आवश्यक सुविधाएं समय से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यह उत्सव जांस्कर में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, घर-आधारित पर्यटन, टैक्सी, स्थानीय हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। प्रशासन की कोशिश है कि उत्सव के माध्यम से जांस्कर की संस्कृति और पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिले।