स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के 38 जवानों और अधिकारियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सम्मान सूची में जम्मू-कश्मीर पुलिस के इन कर्मियों को असाधारण साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है, जब जम्मू-कश्मीर में पुलिस और सुरक्षा बल लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा से जुड़े दायित्व निभा रहे हैं।
वीरता पदक पाने वालों में विभिन्न स्तर के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। सूची में उपमहानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक, उपाधीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर के कर्मियों के नाम शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा अभियानों और कठिन परिस्थितियों में बहादुरी दिखाने में पुलिस बल के अलग-अलग स्तरों के कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इन 38 वीरता पदक प्राप्तकर्ताओं में उपाधीक्षक सरफराज बशीर को दूसरी बार वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। वहीं हेड कांस्टेबल रईश अहमद रेशी और चयन ग्रेड कांस्टेबल इश्तियाक अहमद खान को पहली बार पदक प्रदान किया गया है। सम्मान सूची में वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है।
इस वर्ष जम्मू-कश्मीर पुलिस के कुल 51 कर्मियों को वीरता और सराहनीय सेवा से जुड़े पदकों के लिए चुना गया है। इनमें 38 को वीरता पदक और 13 को सराहनीय सेवा पदक दिया गया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा विभाग के एक कर्मचारी को भी सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना गया है।
पुलिस पदक केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का सम्मान नहीं हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों के साहस और जिम्मेदारी को भी मान्यता देते हैं। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण रहती है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाला यह सम्मान जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों और अधिकारियों के लिए गौरव का विषय है। अधिकारियों और सहकर्मियों ने सम्मानित कर्मियों को बधाई देते हुए इसे पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।