पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लद्दाख प्रशासन ने सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का उद्देश्य पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। इस संबंध में संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों और पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, खारदुंग ला, त्सो मोरीरी, मैग्नेटिक हिल, शांति स्तूप और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई की नियमित निगरानी की जाएगी। कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती, डस्टबिन की संख्या बढ़ाने और प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटकों से भी अपील की गई है कि वे प्राकृतिक स्थलों पर कचरा न फैलाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पुलिस, पर्यटन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया है। संवेदनशील और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई जाएगी। साथ ही पर्यटकों को मौसम, सड़क की स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
पर्यटन विभाग ने होटल संचालकों, ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय गाइडों से भी पर्यटकों को जिम्मेदार पर्यटन के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया है। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पर्यटक स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और पर्यावरण का सम्मान करें तथा निर्धारित नियमों का पालन करें। प्रशासन ने अवैध कैंपिंग, प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के भी निर्देश दिए हैं।
लद्दाख प्रशासन का मानना है कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यटन व्यवस्था से न केवल पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन उद्योग और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने कहा कि सभी संबंधित विभागों के सहयोग से लद्दाख को देश के सबसे स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।