कश्मीर घाटी में लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष परामर्श जारी किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय, विशेषकर तेज धूप के दौरान, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सभी नागरिकों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से घाटी में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने भी फिलहाल गर्म और शुष्क मौसम बने रहने की संभावना जताई है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि इन वर्गों पर गर्मी का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक पड़ सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें तथा लंबे समय तक सीधे सूर्य की रोशनी में रहने से बचें। यदि किसी कारणवश बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को कपड़े या टोपी से ढकें, छाता का उपयोग करें और समय-समय पर पानी पीते रहें। अत्यधिक थकान, चक्कर आना, सिरदर्द या उल्टी जैसी शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि गर्मी से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके। चिकित्सा कर्मियों को आवश्यक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा जानकारी पर नजर रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर गर्मी से होने वाली अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। लोगों से अपने परिवार, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा जरूरत पड़ने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है।