श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर के विभिन्न जिलों में साइबर अपराध तथा नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एवं जांच एजेंसियां भी इस अभियान में समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को साइबर ठगी और मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाना, अपराधियों की पहचान करना तथा अवैध गतिविधियों में शामिल नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत श्रीनगर, पुलवामा, अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम सहित दक्षिण कश्मीर के कई संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान, वाहन जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं, डिजिटल भुगतान से संबंधित ठगी और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस लोगों को अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह भी दे रही है।
दूसरी ओर, नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कई स्थानों पर तलाशी और जांच अभियान चलाए गए हैं। पुलिस संदिग्ध तस्करी मार्गों, भंडारण स्थलों और अवैध नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें विद्यालयों, महाविद्यालयों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और समाज को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।