जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के सीमावर्ती केरण क्षेत्र तथा अन्य दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराना था। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने स्वास्थ्य जांच कराई और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श प्राप्त किया।
स्वास्थ्य शिविरों के दौरान सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया, श्वसन संबंधी समस्याओं, त्वचा रोग और अन्य सामान्य बीमारियों की जांच की गई। डॉक्टरों ने मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन कर आवश्यक दवाइयां निःशुल्क वितरित कीं। जिन मरीजों को विशेष उपचार या आगे की जांच की आवश्यकता थी, उन्हें जिला अस्पताल और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया गया।
चिकित्सा विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया। मानसून के मौसम को देखते हुए जलजनित और संक्रामक रोगों से बचने के लिए साफ पेयजल के उपयोग, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने तथा आसपास के वातावरण को साफ रखने की सलाह दी गई। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा पोषण संबंधी जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि दूरस्थ गांवों के लोगों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकें और उन्हें छोटे-मोटे उपचार के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं और आवश्यक दवाइयां निःशुल्क मिल रही हैं, जिससे समय पर इलाज संभव हो रहा है। प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित करने और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।