जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। यात्रा के पहले दिन देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने यात्रा को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास, भोजन, संचार और परिवहन जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जम्मू से लेकर पवित्र गुफा तक पूरे मार्ग पर भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक निगरानी उपकरणों के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर सुरक्षा जांच चौकियां स्थापित की गई हैं, जहां वाहनों और यात्रियों की गहन जांच की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, ऑक्सीजन सुविधा, विश्राम स्थल, पेयजल, स्वच्छ शौचालय और लंगर सेवाओं की व्यवस्था की गई है। मौसम विभाग भी यात्रा मार्ग पर मौसम की लगातार निगरानी कर रहा है और समय-समय पर आवश्यक एडवाइजरी जारी की जा रही है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, मौसम संबंधी सलाह पर ध्यान दें और पंजीकरण के बाद ही यात्रा करें। अमरनाथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इससे जम्मू-कश्मीर के पर्यटन, परिवहन, होटल, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।