वार्षिक अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत कर दिया है। यात्रा शुरू होने से पहले विभिन्न मार्गों पर अतिरिक्त मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं तथा एंबुलेंस, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या का तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बालटाल और पहलगाम दोनों यात्रा मार्गों पर कई अस्थायी चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर अनुभवी डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्य कर्मी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर, पोर्टेबल ऑक्सीजन यूनिट, आवश्यक दवाइयों और जीवन रक्षक उपकरणों की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तरीय अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी तैयार रखी गई हैं।
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर स्थापित मेडिकल कैंपों में प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य जांच, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इसके अलावा, कुछ संवेदनशील स्थानों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी तैनाती की गई है ताकि हृदय संबंधी समस्याओं, सांस लेने में कठिनाई, ऊंचाई के प्रभाव और अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों से तुरंत निपटा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं और केवल चिकित्सकीय रूप से फिट होने पर ही यात्रा करें। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग या श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यात्रियों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, मौसम के अनुसार गर्म कपड़े साथ रखने और यात्रा के दौरान किसी भी अस्वस्थता की स्थिति में तुरंत निकटतम मेडिकल कैंप से संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से अधिक सुदृढ़ बनाया गया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।