जम्मू-कश्मीर में पर्यटन सीजन अपने चरम पर पहुंच गया है और घाटी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। इस वर्ष पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और परिवहन सेवाओं को बड़ा लाभ मिल रहा है। पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में ही लाखों पर्यटक कश्मीर का रुख कर चुके हैं और आने वाले सप्ताहों में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है।
श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और डल झील जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर इन दिनों विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है। हाउसबोट, होटल और गेस्ट हाउसों में बुकिंग लगभग पूरी हो चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में घाटी की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है। होटल मालिकों, टैक्सी चालकों, हस्तशिल्प विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों की आय में बढ़ोतरी हुई है। कश्मीरी हस्तशिल्प, कालीन, पश्मीना शॉल और स्थानीय खाद्य पदार्थों की मांग भी बढ़ी है।
पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रमुख स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय नियमों का पालन करने की भी अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन क्षेत्र की यह सकारात्मक स्थिति जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पर्यटन यहां रोजगार और आय का प्रमुख स्रोत माना जाता है। बढ़ते पर्यटक आगमन से नए निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी में शांति और बेहतर सुविधाओं के कारण पर्यटकों का भरोसा बढ़ा है। कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती, सुहावना मौसम और सांस्कृतिक विरासत एक बार फिर देश-दुनिया के यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।