अनंतनाग, कश्मीर: दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित प्रसिद्ध सूफी दरगाह जियारत सखी जैनुद्दीन वली में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। धार्मिक आयोजन और विशेष इबादत के अवसर पर घाटी के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में लोग दरगाह पहुंचे। श्रद्धालुओं ने सूफी संत की मजार पर हाजिरी लगाकर अमन, शांति, भाईचारे और समृद्धि की दुआ मांगी।
दरगाह परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। लोगों ने मजार पर चादर और फूल अर्पित किए तथा विशेष नमाज और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर सूफी संत सखी जैनुद्दीन वली की शिक्षाओं और उनके आध्यात्मिक योगदान को याद किया गया। धार्मिक विद्वानों ने कहा कि सूफी संतों का संदेश प्रेम, सहिष्णुता और मानवता की सेवा पर आधारित रहा है, जो आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहा है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए थे। दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। पेयजल, स्वास्थ्य सहायता और यातायात प्रबंधन की भी व्यवस्था की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धार्मिक स्थल कश्मीर की समृद्ध सूफी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां आयोजित कार्यक्रम सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर वर्ष यहां आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
इस अवसर पर दरगाह में आयोजित धार्मिक सभाओं और दुआओं के माध्यम से लोगों ने पूरे क्षेत्र में शांति, खुशहाली और भाईचारे की कामना की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।