देशभर में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के मामलों को देखते हुए All India Institute of Medical Sciences और अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों ने लोगों की सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन सेवाएं शुरू की हैं। इन हेल्पलाइन का उद्देश्य गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याओं से पीड़ित लोगों को तुरंत चिकित्सकीय सलाह और सहायता उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिसके कारण अस्पतालों में गर्मी से बीमार होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की विशेष टीमें गठित की हैं, जो 24 घंटे हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों को सलाह दे रही हैं। मरीज या उनके परिवार के सदस्य फोन के जरिए शुरुआती उपचार, दवाओं और आवश्यक सावधानियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अस्पतालों ने लोगों को सलाह दी है कि तेज धूप में लंबे समय तक बाहर रहने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। खासकर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दिहाड़ी मजदूरों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। कई अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए अलग वार्ड और कूलिंग यूनिट भी तैयार किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी राज्यों को निर्देश दिया है कि जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्मी से निपटने की तैयारियां मजबूत की जाएं। साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर इलाज और जागरूकता से गर्मी से होने वाली गंभीर समस्याओं और मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।