जम्मू-कश्मीर एक बार फिर फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा लोकेशन बनता जा रहा है। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग, डल झील और श्रीनगर के कई खूबसूरत इलाकों में इन दिनों हिंदी, दक्षिण भारतीय और वेब सीरीज की शूटिंग तेजी से हो रही है। लंबे समय बाद घाटी में फिल्मों की वापसी ने पर्यटन उद्योग के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी नई उम्मीदें पैदा की हैं।
फिल्म यूनिट्स के लगातार आने से होटल व्यवसाय, टैक्सी सेवाओं, हाउसबोट मालिकों, हस्तशिल्प व्यापारियों और स्थानीय कलाकारों को सीधा लाभ मिल रहा है। कई युवा स्थानीय स्तर पर तकनीकी स्टाफ, गाइड, ड्राइवर और सहायक कलाकार के रूप में काम कर रहे हैं। इससे घाटी में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए नई फिल्म नीति लागू की है। इसके तहत फिल्म निर्माताओं को अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है और कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी पहाड़ियां, झीलें और पारंपरिक संस्कृति फिल्म निर्माताओं को लगातार आकर्षित कर रही हैं।
हाल ही में कई बड़े बैनर की फिल्मों और ओटीटी वेब सीरीज की शूटिंग कश्मीर में पूरी हुई है। सोशल मीडिया पर इन शूटिंग लोकेशनों की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यदि इसी तरह फिल्म उद्योग घाटी में सक्रिय रहा तो आने वाले समय में पर्यटन क्षेत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, फिल्म शूटिंग केवल मनोरंजन उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को भी नई दिशा देने का काम कर रही है।