उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित Noida International Airport यानी जेवर एयरपोर्ट परियोजना का असर अब ग्रेटर नोएडा और आसपास के रियल एस्टेट बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में तेजी आने के साथ ही निवेशकों और घर खरीदने वालों की रुचि इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार ग्रेटर नोएडा के कई इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। (timesofindia.indiatimes.com)
विशेष रूप से Techzone, Pari Chowk, Yamuna Expressway और सेक्टर आधारित नई टाउनशिप परियोजनाएं निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई हैं। डेवलपर्स का कहना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यह क्षेत्र दिल्ली-NCR का सबसे बड़ा आर्थिक और लॉजिस्टिक हब बन सकता है। इसी उम्मीद में कई बड़ी निर्माण कंपनियां यहां नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट लॉन्च कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के कारण रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे आवास की मांग और बढ़ेगी। होटल, वेयरहाउस, आईटी पार्क और कमर्शियल स्पेस की जरूरत को देखते हुए निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। कई लोगों ने इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतरीन अवसर बताया है।
सरकार भी जेवर एयरपोर्ट के आसपास सड़क, मेट्रो और औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने में जुटी हुई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से बेहतर संपर्क मिलने के कारण क्षेत्र की पहुंच और आसान हो रही है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा का विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है।
हालांकि विशेषज्ञों ने लोगों को निवेश से पहले कानूनी दस्तावेजों और परियोजनाओं की विश्वसनीयता की जांच करने की सलाह दी है। इसके बावजूद यह माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है।