लद्दाख के लेह जिले में स्थित थिक्से अस्पताल (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में भू-तापीय हीटिंग सिस्टम (Geothermal Heating System) की शुरुआत की गई है। यह लद्दाख के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है। इस व्यवस्था से अस्पताल को कड़ाके की सर्दियों में भी प्राकृतिक रूप से गर्म रखने में मदद मिल रही है।
लद्दाख में सर्दियों के दौरान तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है, जिससे अस्पतालों में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। भू-तापीय हीटिंग सिस्टम धरती के अंदर मौजूद प्राकृतिक गर्मी का उपयोग करता है, जिससे बिना अधिक बिजली या ईंधन खर्च किए भवन को गर्म रखा जा सकता है।
इस नई तकनीक के लागू होने से अस्पताल में मरीजों की सुविधा, इलाज की गुणवत्ता और स्टाफ की कार्यक्षमता में सुधार आया है। साथ ही यह प्रणाली पर्यावरण के अनुकूल है और कार्बन उत्सर्जन को भी कम करती है, जो लद्दाख जैसे संवेदनशील पर्यावरण वाले क्षेत्र के लिए बेहद अहम है।
प्रशासन का मानना है कि थिक्से अस्पताल में इस परियोजना की सफलता के बाद भविष्य में लद्दाख के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी भवनों में भी भू-तापीय ऊर्जा आधारित हीटिंग सिस्टम को अपनाया जा सकता है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी, बल्कि सतत और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।